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यार जादूगर
प्रकाशक: हिंदयुग्म प्रकाशन
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ISBN: 978-8195306121 SKU: HY1906 Category:

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1 review for यार जादूगर

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    Muqtadir (सहपाठी)

    मृत्यु क्या है ? यही बताती है ये किताब कहानी के रूप में

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यार जादूगर कहानी है गाँव-कस्बों में रहते किरदारों की। सामाजिक व्यवस्थाओं पर व्यंग्य से लेकर जीवन के अध्यात्म तक का पूरा पैकेज है यार जादूगर।

Book Details

Weight 180 g
Dimensions 19.8 × 1.5 × 12.9 cm
Pages:   240

यार जादूगर हिंदी साहित्य की मुख्य धारा के उपन्यासों में विषय-वस्तु के लिहाज से एकदम नया और चौंकाने वाली कहानी है। कल्पना की जमीन पर बोया गया ऐसा यथार्थ जो मानवीय संबंधों और उसके मनोविज्ञान पर दार्शनिकता की गाँठ खोलता रेशा-रेशा उघाड़ते हुए एक प्राकृतिक शाश्वत सत्य के समीप पहुँच पूर्ण होता है।
यार जादूगर मृत्यु का महोत्सव है और जीवन का लोक संगीत भी, जो मृत्यु की अनिवार्यता को स्वीकार कर जीवन की सार्थकता को मलंग हो स्वीकार करने की कोशिश है।

साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित नीलोत्पल मृणाल 21वीं सदी के सर्वाधिक लोकप्रिय लेखक हैं, जिनमें कलम के साथ-साथ राजनैतिक और सामाजिक मुद्दों पर ज़मीनी रूप से लड़ने का तेवर भी है। इसीलिए इनके लेखन में भी सामाजिक विषमताएँ, विडंबनाएँ और आपसी संघर्ष बहुत स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होते हैं। लेखन के अलावा लोकगायन और कविताई में बराबर गति रखने वाले नीलोत्पल ने अपने पहले दोनों उपन्यासों—‘डार्क हॉर्स’ और ‘औघड़’ के माध्यम से हिंदी पठनीयता के संसार को नया वितान दिया है। अपने इस नए उपन्यास ‘यार जादूगर’ के माध्यम से नीलोत्पल ने हिंदी रचनात्मकता को नई जमीन देने की कोशिश की है।