Close
Skip to content
By संतोष पाठक
Book Quantity

द वॉचमैन-मर्डर इन रूम नंबर 108

सुधीर सिंघल निहायत घटिया, बदनीयत! सूरत से कामदेव सरीखा ऐसा नौजवान था, जो पैसों की खातिर किसी भी हद तक जा सकता था। अधेड़ उम्र की औरतों को अपने प्रेमजाल में फाँस सकता था, नौजवान लड़कियों की कमाई पर ऐश कर सकता था। वह कइयों की जिंदगी में उथल-पुथल मचाये था, तो कइयों को बर्बादी के कगार पर भी पहुँचा चुका था। ऐसे फसादी शख्स के साथ जो न हो जाता, वही कम था।

द वाचमैन सीरीज की नयी पेशकश

1

प्रतिघात

अंकुर रोहिल्ला बेहद दौलतमंद, लेकिन हद दर्जे का अय्याश था, जिसकी नीयत अपने ही किरायेदार की बेटी पर खराब थीं। फिर एक रात मानो जलजला आ गया। वह मासूम लड़की लापता हो गई। क्या लड़की का बाप, क्या पड़ोसी, सबको जैसे यकीन था कि उसकी गुमशुदगी के पीछे अंकुर के कुत्सित इरादों का हाथ है। पर, क्या इसे साबित करना इतना आसान था?
क्या लड़की सचमुच अंकुर की वासना की भेंट चढ़ गई या फिर किसी अकल्पनीय साजिश का शिकार हो गई? ऐसे में केस में इंट्री होती है द अनप्रिडिक्टेबल मैन पनौती की, जिसके साथ पान में लौंग-सी फिट है- हरदिल अजीज अवनी।
इस अनोखी जुगलबंदी ने क्या गुल खिलाये? लापता लड़की का क्या हुआ? क्या सचमुच अंकुर रोहिल्ला गुनहगार है?
घात-प्रतिघात से लबरेज, तेजरफ्तार, पनौतीपन लिए संतोष पाठक का विशिष्ट शाहकार प्रतिघात
साहित्य विमर्श की गौरवशाली पेशकश

1

राइट टाइम टू किल

अभिनेत्री सोनाली सिंह राजपूत ने पाँच सालों बाद दिल्ली में कदम क्या रखा, जैसे हंगामा बरपा हो गया। बंगले में घुसते ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस और मीडिया दोनों को शक था कि सोनाली का कत्ल उसके चाचा उदय सिंह राजपूत ने किया है, क्योंकि पांच साल पहले उसने अपनी भतीजी को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी। लिहाजा कहानी परत-दर-परत उलझती जा रही थी। एक तरफ इंस्पेक्टर गरिमा देशपांडे कातिल की तलाश में जी जान से जुटी हुई थी, तो वहीं दूसरी तरफ भारत न्यूज की इंवेस्टिगेशन टीम पुलिस से पहले हत्यारे का पता लगाने के लिए दृढसंकल्प थी। जबकि कातिल था कि एक के बाद एक लाशें बिछाता जा रहा था।

1
M.R.P.: 897 (Sale Price)
Format: Paperback
Age Recommendation: Above 16 Years
  • संतोष पाठक के तीन शाहकार एक साथ। आकर्षक ऑफर और फ्री डिलीवरी

अपने अनुभव साझा करें

Let us know what you think...

What others are saying

There are no contributions yet.

×
You will Get 100 Points on a successful Sign Up

Login

Register

Your personal data will be used to support your experience throughout this website, to manage access to your account, and for other purposes described in our privacy policy.

Continue as a Guest

Don't have an account? Sign Up

© साहित्य विमर्श प्रकाशन 2020 

Contact

Email: [email protected]

2nd Floor, 987,Sec-9
Gurugram Haryana, 122006

Sahaj Takneek Designed and Managed by Sahaj Takneek

Subscribe Newsletter

About Us

साहित्य विमर्श प्रकाशन, वह मंच है, जो भाषा-विशेष, विधा-विशेष, क्षेत्र-विशेष, लेखक-विशेष आदि बंधनो से पाठकों, लेखकों एवं प्रकाशकों को आजादी प्रदान करता है। हम प्रकाशन व्यवसाय के तीन स्तंभ – पाठक, लेखक एवं प्रकाशक को एक साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पाठकों को कम से कम दर में उच्चकोटि की पठन-सामग्री मुहैया कराना, लेखकों के मन के भाव व उनकी कलम की कार्यकुशलता को उचित स्थान देना एवं प्रकाशकों और उनकी पुस्तकों को अधिकाधिक पाठकों तक पहुंचाना।