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samay seemant
प्रकाशक: संभावना प्रकाशन

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Age Recommendation: Above 15 Years
ISBN: 978-9381619902 SKU: SM2583 Category:

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Samay Seemant इसी विषम समाज में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते पात्रों की एक आत्मीय कथा है। चालिस-बयालीस वर्षों में ये स्थितियां काफी हद तक बदल जानी चाहिए थी। लेकिन ‘समय सीमांत’ का सच आज भी उसी तरह हमारे साथ चल रहा है जहां चंद मुठ्ठी भर लोग अथाह सम्पत्ति के स्वामी बन चुके हैं और नीचे के तबके की आधी जनसंख्या पहले से कहीं अधिक विपन्न और खस्ताहाल दिखाई देने लगी हैं। जनसंख्या के विस्फोट और कमरतोड़ महंगाई ने इस समस्या को और भी गम्भीर बना दिया हैं। समाज में फैली यह विषमता आज शहरों से लेकर गांव तक हर जगह दिखाई देने लगी है।

Book Details

Weight 250 g
Dimensions 14 × 3 × 22 cm
Pages:   128

Samay Seemant इसी विषम समाज में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते पात्रों की एक आत्मीय कथा है। चालिस-बयालीस वर्षों में ये स्थितियां काफी हद तक बदल जानी चाहिए थी। लेकिन ‘समय सीमांत’ का सच आज भी उसी तरह हमारे साथ चल रहा है जहां चंद मुठ्ठी भर लोग अथाह सम्पत्ति के स्वामी बन चुके हैं और नीचे के तबके की आधी जनसंख्या पहले से कहीं अधिक विपन्न और खस्ताहाल दिखाई देने लगी हैं। जनसंख्या के विस्फोट और कमरतोड़ महंगाई ने इस समस्या को और भी गम्भीर बना दिया हैं। समाज में फैली यह विषमता आज शहरों से लेकर गांव तक हर जगह दिखाई देने लगी है।

जितेंद्र भाटिया जाने माने साहित्यकार हैं। वह प्रतिनिधि कहानीकार, अनुवादक एंव विचारक हैं। 15 सितंबर 1946 को जन्में जितेंद्र भाटिया आई-आई-टी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर चुके हैं। दूरदर्शन और प्रसार भारती के लिए उनकी कई कहानियों पर लधु फिल्मों का निर्माण हो चुका है। प्रत्यक्षदर्शी उपन्यास के मराठी अनुवाद को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुका है।