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saal dar saal

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ISBN: 978-93-92829-38-3 SKU: SV2815 Category:

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साल दर साल (Saal Dar Saal) परतंत्रता के बंधनों को काट कर स्वावलंबी होने की गाथा है। एक व्यक्ति की ही नहीं एक राष्ट्र की भी। छोटी छोटी घटनाओं से गुजरते हुए यह एहसास नहीं होता कि कब एक व्यक्ति की आत्मकथा समूचे राष्ट्र की व्यथा कथा बन जाती है। साल दर साल (Saal Dar Saal) – डॉक्टर लक्ष्मणदत्त गौतम की आत्मकथा भर नहीं है। यह अपने युग का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

स्वाधीनता संग्राम, सांप्रदायिकता, विभाजन, विस्थापन आदि हर मुद्दे पर लेखक की तीक्ष्ण दृष्टि रही है और यह दृष्टि चीजों को ऊपर – ऊपर से देखने की बजाय भारतीय राजनीति के हर छद्म को उजागर कर उसके नग्न यथार्थ को सामने लाती है।

Book Details

Weight 300 g
Dimensions 13 × 2 × 21 cm
Pages:   318

साल दर साल (Saal Dar Saal) परतंत्रता के बंधनों को काट कर स्वावलंबी होने की गाथा है। एक व्यक्ति की ही नहीं एक राष्ट्र की भी। छोटी छोटी घटनाओं से गुजरते हुए यह एहसाह नहीं होता कि कब एक व्यक्ति की आत्मकथा समूचे राष्ट्र की व्यथा कथा बन जाती है। साल दर साल (Saal Dar Saal) – डॉक्टर लक्ष्मणदत्त गौतम की आत्मकथा भर नहीं है। यह अपने युग का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

स्वाधीनता संग्राम,सांप्रदायिकता,विभाजन,विस्थापन आदि हर मुद्दे पर लेखक की तीक्ष्ण दृष्टि रही है और यह दृष्टि चीजों को ऊपर – ऊपर से देखने की बजाय भारतीय राजनीति के हर छद्म को उजागर कर उसके नग्न यथार्थ को सामने लाती है।

लक्ष्मणदत्त गौतम जन्मतिथि :- 15.7.1935 शिक्षा :-एम.ए. पीएच.डी. सेवानिवृत्त, एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी-विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, भारत. विजीटिंग प्रोफैसर - नार्थईस्ट हिल यूनिवर्सिटी(नेहू), शिलांग, मेघालय. तथा शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर, महाराष्ट्र, भारत प्रकाशन ------------ आलोचना आधुनिक हिन्दी साहित्य में प्रगति चेतना(शोध), महादेवी वर्मा : कविकर्म, कथाकार भगवतीप्रसाद बाजपेयी:संवेदना और शिल्प, घनानंद के कवित्त, बाणभट्ट की आत्मकथा: एक अभिनव प्रयोग, दिनकर और उनकी उर्वशी, चांद का मुँह टेढा क्यों है, समकालीन साहित्य का उत्तरपाठ आदि अन्य आलोचनात्मक ग्रंथ संपादित गजाननमाधव मुक्तिबोध:व्यक्ति, अनुभव और अभिव्यक्ति धर्मवीर भारती:अनुभव और अभिव्यक्ति सर्जनात्मक कविता संग्रह: इस कश म कश में, अंधेरे के खिलाफ, साँप सीढ़ी, Song of the marrow(‘इस कश म कश में’ का अनुवाद), हिन्दी कविताओं का अंग्रेजी में अनुवाद, चंबल घाटी के डाकुओं पर 'गणराज्य' (साप्ताहिक), जयपुर, राजस्थान में धारावाहिक लेखमाला, राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र नवभारतटाइम्स में सम्पादकीय पन्ने पर गाहे-बगाहे विचार लेख प्रकाशित और इसके अलावा दर्जनों साहित्यिक पत्रिकाओं में लेखन जीवनी: लोकशक्तिपुरुष नेताजी पुरस्कार ----------- 1. “इस कश म कश में” कविता संग्रह पर साहित्य अकादमी, हरियाणा द्वारा पुरस्कृत-सम्मानित 2. उपलब्ध साहित़्य पर उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ, (1998) द्वारा “साहित्य भूषण” सम्मान से सम्मानित एवं पुरस्कृत संपर्क सूत्र - ई मेल: ldgautam6@gmail.com