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मुसाफिर कैफ़े
प्रकाशक: हिन्द युग्म प्रकाशन
(1 customer review)

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Age Recommendation: Above 12 Years
ISBN: 978-9386224019 SKU: HY2198 Category:

15

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    anurag.eib

    मजेदार

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मुसाफिर Cafe – हम सभी की जिंदगी में एक लिस्ट होती है। हमारे सपनों की लिस्ट, छोटी-मोटी खुशियों की लिस्ट। सुधा की जिंदगी में भी एक ऐसी ही लिस्ट थी। हम सभी अपनी सपनों की लिस्ट को पूरा करते-करते लाइफ गुज़ार देते हैं। जब सुधा अपनी लिस्ट पूरी करते हुए लाइफ़ की तरफ़ पहुँच रही थी तब तक चंदर 30 साल का होने तक वो सबकुछ कर चुका था जो कर लेना चाहिए था। तीन बार प्यार कर चुका था, एक बार वो सच्चा वाला, एक बार टाइम पास वाला और एक बार लिव-इन वाला। वो एक पर्फेक्ट लाइफ चाहता था। मुसाफिर Cafe कहानी है सुधा की, चंदर की, उन सारे लोगों की जो अपनी विश लिस्ट पूरी करते हुए perfect लाइफ खोजने के लिए भटक रहे हैं।

हम सभी की जिंदगी में एक लिस्ट होती है। हमारे सपनों की लिस्ट, छोटी-मोटी खुशियों की लिस्ट। सुधा की जिंदगी में भी एक ऐसी ही लिस्ट थी। हम सभी अपनी सपनों की लिस्ट को पूरा करते-करते लाइफ गुज़ार देते हैं। जब सुधा अपनी लिस्ट पूरी करते हुए लाइफ़ की तरफ़ पहुँच रही थी तब तक चंदर 30 साल का होने तक वो सबकुछ कर चुका था जो कर लेना चाहिए था। तीन बार प्यार कर चुका था, एक बार वो सच्चा वाला, एक बार टाइम पास वाला और एक बार लिव-इन वाला। वो एक पर्फेक्ट लाइफ चाहता था। मुसाफिर Cafe कहानी है सुधा की, चंदर की, उन सारे लोगों की जो अपनी विश लिस्ट पूरी करते हुए perfect लाइफ खोजने के लिए भटक रहे हैं।

बेस्ट सेलर ‘मसाला चाय’ और ‘टर्म्स एंड कंडिशन्स अप्लाई’ लिखने के बहुत समय बाद तक दिव्य प्रकाश दुबे (DP) को यही माना जाता था कि वो ठीक-ठाक कहानियाँ लिख लेते हैं। लेकिन अब जब वो ‘स्टोरीबाज़ी’ में कहानियाँ सुनाते हैं तो लगता है कि वो ज़्यादा अच्छी कहानियाँ सुनाते हैं। Tedx में बोलने गए तो टशन-टशन में हिंदी में बोल कर चले आए। हर संडे वो संडे वाली चिट्ठी लिखते हैं कुछ ऐसे लोगों के नाम जिनके नाम कोई चिट्ठी नहीं लिखता। तमाम इंजीनियरिंग और MBA कॉलेज जाते हैं तो अपनी कहानी सुनाते-सुनाते एक-दो लोगों को रायटर बनने की बीमारी दे आते हैं। पढ़ाई-लिखाई से BTech-MBA है और इन दिनों एक बड़ी सेल्युलर कंपनी में AGM ( Assistant General Manager) के पद पर कार्यरत हैं। मुसाफ़िर cafe दिव्य प्रकाश की तीसरी किताब है।