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Lakadbaggha | लकड़बग्घा 

साहित्य विमर्श प्रकाशन

ISBN: 978-93-92829-87-1 SKU: : SV7353 श्रेणी: , , टैग:

Original price was: ₹225.Current price is: ₹199. (-12%)

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पाठकों की राय

4 reviews for Lakadbaggha

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1-4 of 4 reviews
  1. Avatar

    A Best crime thriller writen by Satya Vyas sir .

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  2. Avatar

    कल लकड़बग्घा पढ़कर ख़त्म की। सत्य व्यास जी नयी पीढ़ी के एक शानदार लेखक हैं। वे जिस तरीके से एक अलग ही अंदाज में कहानी बयां करते हैं वह क़ाबिले तारीफ है। उनकी हर किताब मैंने पढ़ी है और हर किताब पिछली किताब से बेहतर लगती है, जिसमें उफ़ कोलकाता और बाग़ी बलिया मेरी पसंदीदा हैं। और अब उनमे एक और किताब शुमार हो चुकी है- लकड़बग्घा।😍
    सत्य व्यास जी उन लेखकों में से हैं जिनकी किताब हाथ में आने की उत्सुकता रहती है क्योंकि पता होता है कि पहले पन्ने से ही एक अलग तरह का मजा आने वाला है।😃
    लकड़बग्घा एक थ्रिलर रहस्य कथा है जो एक सीरियल किलर के बारे में है। एक हत्यारा जो अपने को सही और दूसरों को गलत मानकर ईश्वरीय न्याय के तहत अपने चमचमाते हथौड़े से अपने शिकार को एक ही वार में एक आसान मौत के घाट उतार देता है। जिसका केस मिला है इंस्पेक्टर श्वेता को जो अपने पति फोरेंसिक एक्स्पर्ट विक्रांत से अलगाव झेल रही है और अपने बेटे अंकुर के साथ अकेली रहती है।
    किताब में काफी रोचक घटनाएं और सीरियल किलर की अनोखी कविताओं के साथ-साथ आज तक ज्ञात सीरियल किलर्स के द्वारा कहे गए मुख्य कथनों को हर चैप्टर के शुरुआत में लिखा गया है। (विशेष नोट- उन कथनो में लिखा नाम “सत्य व्यास” हमारे अपने ही लेखक है कृपया अन्यथा न ले जाएं😂)
    सस्पेंस बहुत ही अच्छा है और इंस्पेक्टर श्वेता और सीरियल किलर के निजी जीवन को भी बखूबी दिखाया गया है। अंत काफी रोचक था और पाठक के मन में काफी सवाल छोड़ जाता है। एक रहस्य कथा का अंत एक रहस्य के साथ होना काफी रोचक और शानदार था। सत्य व्यास जी ने अपने आलेख में लिखी गयी अपनी ही लाइन कि “थ्रिलर विधा जिसे लिखने से दीगर अदीब मना करते हैं” को झुटला दिया है और एक शानदार थ्रिलर सस्पेंस किताब दी है। अगली किताब के लिए शुभकामनायें और उसकी प्रतीक्षा में..
    -अभिनव जैन
    (शिक्षक,लेखक)

    #लकड़बग्घा #सत्य_व्यास #हिंदीकिताबें

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  3. Avatar

    “सीरियल किलिंग” पर आधारित थ्रिलर, लेखन की एक ऐसी विधा है जो दशकों से पाठकों और फिल्मी दर्शकों को अपनी और आकर्षित करती रही है। फिर जब कलम सत्य व्यास जैसे प्रख्यात लेखक की हो तो पाठकों की उम्मीद का आसमान छूना स्वाभाविक है।

    ओटीटी नाम की चिड़िया ने जब से मनोरंजन जगत में अपना घोंसला बनाया है तब से भारतीय दर्शक थ्रिलर नाम की इस विधा को और करीब या कहें बारीकी से जान पाने में सक्षम हुआ है। यही कारण हैं कि ऐसी सीरीज जिस में एक ही प्रकार की कहानी को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता है, उस से दर्शक जल्दी उब जाता है। खासकर सीरियल किलर वाली कहानियों में क्लाइमेक्स का मजबूत होना जरूरी हो जाता है। यदि समय से पहले दर्शक या पाठक ने क्लाइमेक्स का अंदाजा लगा लिया तो कहानी अपनी रोचकता बरकरार नहीं रख पाती।

    हालिया प्रदर्शित कुछ थ्रिलर फिल्मों में जैसा कहानी का पैटर्न रहा है सत्य व्यास भी उसी पैटर्न पर कहानी को आगे बढ़ाते दिखते हैं। लगभग एक ही पेशे से जुड़ा एक तलाकशुदा कपल, बच्चे को ले कर उन के बीच चलती खींचतान, कातिल के कत्ल करने का एक जैसा तरीका, कातिल का किसी मानसिक बीमारी या अवसाद से ग्रसित होना और कातिल को सामने लाने के लिए पुलिस द्वारा खेले गए दांव का उल्टा पड़ जाना। “लकड़बग्घा” इसी पैटर्न पर उतार -चढ़ाव के साथ आगे बढ़ती रहती है।

    किंतु पुस्तक को खास बनाती है लेखक द्वारा इस के प्रस्तुतीकरण का ढंग और स्वयं लेखक का ज्ञान जो लेखक द्वारा कभी अपने आख्यान से तो कभी किरदारों के माध्यम से कहानी में उद्धृत किया गया है। चाहे बेटिंग के कानून से लेकर आंखों में पोटेशियम का स्तर वाली मेडिकल साइंस की तकनीक हो या मनोविज्ञान की पुस्तक के नियम। ऐसी बहुत सारी चीज़े लकड़बग्घा में पढ़ने मिल जायेंगी जो लेखक के ज्ञान के वाइड रेंज की तकसीद करती हैं।

    कहानी की बात करें तो ये 2022 में आई फिल्म फॉरेंसिक की तर्ज पर शुरू होती है, किरदार लगभग एक जैसे। क्लाइमेक्स तक पहुंचते -पहुंचते ये आपके दिल में कातिल के प्रति सहानुभूति जगा जाती है और छोड़ जाती है आपके साथ कुछ अनसुलझे सवाल। शायद एक थ्रिलर कहानी के अंत का यही सब से वाजिब तरीका है।
    लेखक का एक और उम्दा प्रयास।

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  4. Avatar

    Marvlous, one sitting read, as expected, i m an old fan, became fan again, lots of love.❤️❤️❤️…

    Sirf ek shikayat hai meri copy signed nhi thi jabki mene pre order kiya tha 😕

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    • Happy Reading

      🙏 सर, जिन पाठकों ने ऑटोग्राफ के लिये अनुरोध किया था, उन सभी को साइंड कॉपी भेजी गयी हैं. आपका अनुरोध हमें प्राप्त नहीं हुआ.

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Lakadbaggha Lakadbaggha
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