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khushhaali ka panchnama
प्रकाशक: Mandrake प्रकाशन

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ISBN: 9-788194-556879 SKU: MP2084 Category:

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खुशहाली का पंचनामा
विश्व के सबसे खुशहाल देश कहे जाने वाले नॉर्वे को टटोलते हुए ऐसे सूत्र मिलते हैं जो भारत में पहले से मौजूद हैं। बल्कि मुमकिन है कि ये भारत से बहकर आए हों। लेखन ने रोचक डायरी रूप में दोनों देशों के इतिहास से लेकर वर्तमान तक जीवन शैलियों का आंकलन किया है। खुशहाली का पंचनामा एक यात्रा संस्मरण नहीं बल्कि प्रवास संस्मरण है। लेखक बड़ी सहजता से आर्यों की तफतीश करते हुए रोजमर्रा के किस्से सुनाते चलते हैं और उनमें ही वह रहस्य पिरोते चलते हैं, जिन से समाज में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। इस डायरी का ध्येय ये जानना है कि कोई भी देश अपनी बेहतरी और खुशहाली के लिए किस तरह के कदम उठा सकता है।

खुशहाली क्या वाकई परिभाषित की जा सकती है या ये बस एक तिलिस्म है? सामाजिक समरसता की बहाली क्या कोई लोकतान्त्रिक सरकार करने में सक्षम हो सकती है?

क्या मीडिया स्वतंत्र हो सकती है? क्या अमीर गरीब के भेद मिट सकते हैं? क्या मुमकिन है और क्या नहीं? और अगर मुमकिन भी है तो आखिर कैसे?

Praveen Kumar Jha is a bilingual author in Hindi and English and a Norway based superspecialist doctor by profession. He is also a social media activist with numerous articles in digital and print media, along-with an avid bilingual blogger. His debut book 'Chamanlal Ki Diary' had been a best-seller, and his travelogue 'Bhooton ke desh mein' and 'Nastikon ke desh mein' were published in 2018. The pathbreaking book for Praveen is 'Coolie lines' published by Vani Prakashan, a historical narrative on indentured labour- the largest migration in history. Praveen has also written short Kindle books based on music of Maihar and a tale on science education called Irodov Katha. His next book 'Wah Ustad' is based on schools of Hindustani music (gharanas)