Skip to content

449 या अधिक की खरीद पर डिलीवरी फ्री

kabhi gaon kabhi college
प्रकाशक: हिन्द युग्म प्रकाशन
(2 customer review)

135 (-32%)

Age Recommendation: Above 12 Years
ISBN: 978-9392820557 SKU: HY2654 Category:

Free Shipping for SV Prime Members

Estimated Dispatch: October 2, 2022

Check Shipping Days & Cost //

2 reviews for Kabhi Gaon Kabhi College | कभी गाँव कभी कॉलेज

4.5
Based on 2 reviews
5 star
50
50%
4 star
50
50%
3 star
0%
2 star
0%
1 star
0%

Customer Images

Image #1 from anurag.eib
Image #1 from anurag.eib

anurag.eib

बहुत बढ़िया। जरूर पढ़ें

(0) (0)
Image #1 from anurag.eib
  1. Avatar

    anurag.eib

    बहुत बढ़िया। जरूर पढ़ें

    Image #1 from anurag.eib
    (0) (0)
  2. Avatar

    Dheeraj Kumar Prajapati

    Great

    (1) (0)

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

Cancel

More Info

Kabhi Gaon Kabhi College – ये कहानी है ऊँची दुकान के फ़ीके पकवानों की, बड़े-बड़े नाम वालों की, पर छोटे दर्शन वालों की। कहानी में जब-जब कॉलेज का ज्वार चढ़ता है, गाँव में आते ही भाटा सिर पर फूट जाता है।

कहानी के किरदार ऐसे कि प्रैक्टिकल होने के नाम पर ग़रीब आदमी की लंगोट भी खींच लें। कुछ कॉलेज के छात्र ऐसे हैं जिनकी जेबों तक से गाँव की मिट्टी की सुगंध आती है और कुछ ऐसे जो अच्छे शहरों की परवरिश से आकर इस ओखली में अपना सि‍र दे गए हैं।

कहानी के हर छात्र का सपना आईएएस/आईपीएस बनने का नहीं है, कोई सरपंच भी बनना चाहता है तो कोई कॉलेज ख़त्म होने के पहले ही ब्याह का प्लेसमेंट चाहता है।

कहानी में अर्श है और फ़र्श भी, आसमान भी है और खजूर भी। कहानी में गाँव में कॉलेज है या कॉलेज में गाँव, प्रेम जीतता है या पढ़ाई, दोस्ती जीतती है या लड़ाई– ये आपको तय करना है।

Book Details

Weight 150 g
Dimensions 14 × 1.5 × 21 cm
Pages:   160

Kabhi Gaon Kabhi College – ये कहानी है ऊँची दुकान के फ़ीके पकवानों की, बड़े-बड़े नाम वालों की, पर छोटे दर्शन वालों की। कहानी में जब-जब कॉलेज का ज्वार चढ़ता है, गाँव में आते ही भाटा सिर पर फूट जाता है।

कहानी के किरदार ऐसे कि प्रैक्टिकल होने के नाम पर ग़रीब आदमी की लंगोट भी खींच लें। कुछ कॉलेज के छात्र ऐसे हैं जिनकी जेबों तक से गाँव की मिट्टी की सुगंध आती है और कुछ ऐसे जो अच्छे शहरों की परवरिश से आकर इस ओखली में अपना सि‍र दे गए हैं।

कहानी के हर छात्र का सपना आईएएस/आईपीएस बनने का नहीं है, कोई सरपंच भी बनना चाहता है तो कोई कॉलेज ख़त्म होने के पहले ही ब्याह का प्लेसमेंट चाहता है।

कहानी में अर्श है और फ़र्श भी, आसमान भी है और खजूर भी। कहानी में गाँव में कॉलेज है या कॉलेज में गाँव, प्रेम जीतता है या पढ़ाई, दोस्ती जीतती है या लड़ाई– ये आपको तय करना है।

kabhi gaon kabhi college अगम जैन की हिंदी साहित्य के क्षेत्र में यह पहली पुस्तक है। अँग्रेज़ी में लिखी ‘Decode UPSC’ पुस्तक यूपीएससी के अभ्यर्थियों के बीच काफ़ी प्रचलित है। समय-समय पर अख़बारों, पत्रिकाओं और सोशल मीडिया पर व्यंग्य एवं अन्य लेख लिखते रहते हैं। मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से बीटेक के बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी होकर वर्तमान में भोपाल में पदस्थ हैं।