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दिल्ली दरबार
प्रकाशक: हिंदयुग्म प्रकाशन
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Age Recommendation: Above 16 Years
ISBN: 978-9386224194 SKU: HY1854 Category: Tag: ,

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    Abhishek Singh Rajawat

    राहुल मिश्र और मोहित सिंह…एक ही सिक्के के दो पहलु…दोनो को दिल्ली अपने हिसाब से जिंदगी के बारे में सिखाती है….ये कहानी अपनी कथा नहीं बल्कि संवादों के लिए ज्यादा याद रखी जानी चाहिए ……

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Book Details

Weight 440 g
Dimensions 20 × 14 × 4 cm
Pages:   176

दिल्ली दरबार- Dilli Darbaar is the story of a young, jovial, techno-geek called Rahul Mishra, and his journey from being a careless flirt to a responsible man. Rahul moves from a small town to Delhi for better future prospects, and this brings about changes in his life and lifestyle to which he must adapt. His mantra in life is ‘there is always a shortcut to success’ – which he ironically proves right through his own eccentric ways. Dilli Darbaar is also about Paridhi, a typical East Delhi girl, and her path, as well as Rahul’s, to finding the meaning of love, trust, friendship and life.

अस्सी के दशक में बूढ़े हुए। नब्बे के दशक में जवान। इक्कीसवीं सदी के पहले दशक में बचपना गुजरा और कहते हैं कि नई सदी के दूसरे दशक में पैदा हुए हैं। अब जब पैदा ही हुए हैं तो खूब उत्पात मचा रहे हैं। चाहते हैं कि उन्हें कॉस्मोपॉलिटन कहा जाए। हालाँकि देश से बाहर बस भूटान गए हैं। पूछने पर बता नहीं पाते कि कहाँ के हैं। उत्तर प्रदेश से जड़ें जुड़ी हैं। २० साल तक जब खुद को बिहारी कहने का सुख लिया तो अचानक ही बताया गया कि अब तुम झारखंडी हो। उसमें भी खुश हैं। खुद जियो औरों को भी जीने दो के धर्म में विश्वास करते हैं और एक साथ कई-कई चीजें लिखते हैं। अंतर्मुखी हैं इसलिए फोन की जगह ईमेल पर ज्यादा मिलते हैं। ब्लॉगिंग, कविता और फिल्मों के रुचि रखने वाले सत्य व्यास फ़िलहाल दो फिल्मों की पटकथा लिख रहे हैं। पहले उपन्यास बनारस टॉकीज से ही बेस्ट सेलर का तमगा हासिल कर लिया। दिल्ली दरबार इनका दूसरा उपन्यास है। ईमेल : authorsatya@gmail.com