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chola mati ke ram

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Age Recommendation: Above 12 Years
ISBN: 978-93-92829-05-5 SKU: SV2806 Category:

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Chola Mati Ke Ram | बस्तर के अघोषित युद्ध क्षेत्र में क्या होता है? क्या होता है जब एक नक्सली, एक पुलिसवाला और एक युवा छात्र आपस में किसी मुद्दे पर भिड़ जाते हैं शब्दों के भँवर में?

जो बॉलीवुड की फिल्मों में या एसी कमरों में बैठ कर नॉवेल लिखते हैं बस्तर पर, क्या वैसा ही है बस्तर? बस्तर का हर आदिवासी ‘बुधमन’ है, ज़रूरत है उसे पहचानने की,उसकी तकलीफों को, पीड़ा को समझने की, उसे अपनाने की। बस्तर के प्रत्यक्ष अनुभवों के आधार पर लिखी हुई किताब है “चोला माटी के राम” (Chola mati ke ram) अनसुने लड़ाकों का अंतहीन युद्ध। 

Book Details

Weight 200 g
Dimensions 13 × 1.5 × 20 cm
Pages:   153

Chola Mati Ke Ram | बस्तर के अघोषित युद्ध क्षेत्र में क्या होता है? क्या होता है जब एक नक्सली, एक पुलिसवाला और एक युवा छात्र आपस में किसी मुद्दे पर भिड़ जाते हैं शब्दों के भँवर में?

जो बॉलीवुड की फिल्मों में या एसी कमरों में बैठ कर नॉवेल लिखते हैं बस्तर पर, क्या वैसा ही है बस्तर? बस्तर का हर आदिवासी ‘बुधमन’ है, ज़रूरत है उसे पहचानने की,उसकी तकलीफों को, पीड़ा को समझने की, उसे अपनाने की। बस्तर के प्रत्यक्ष अनुभवों के आधार पर लिखी हुई किताब है “चोला माटी के राम” अनसुने लड़ाकों का अंतहीन युद्ध। 

जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले अभिषेक 2013 बैच के डीएसपी हैं | पूर्व बीजापुर के बीहड़ों में नक्सली ऑपरेशन में एके सैंतालिस लेकर चलने वाले अभिषेक पिछले एक साल से बलौदा बाज़ार जिले में पदस्थ हैं | "बैरिकेड" नामक बेस्टसेलर उपन्यास से कई अवार्ड जीत चुके अभिषेक ने इस बार बस्तर के उस भाग को छुआ है जो अछूता है या फिर सतही तौर पर लिखा गया है | पुलिसिया रौब वाली छवि के अलावा इनकी लेखक वाली छवि इन्हें ख़ास बनाती है |