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भोजपुरियत के थाती bhojpuriyat ke thati
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ISBN: 978-93-92829-12-3 SKU: SV1450 Category:

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    Ambarish Tripathi (सहपाठी)

    पुस्तक बहुत ही सुंदर और प्रभावशाली बन पड़ी है। भोजपुरी की कहानी को भोजपुरी में ही पढ़ना बहुत ही रोमांचक अनुभव है। लेखक ने बहुत ही रोचक ढंग से जरूरी पहलुओं को सारगर्भित ढंग से रचा है।

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भारत के 8वां आ दुनिया के 33 वां सबसे बड़ भाषा भोजपुरी आ ओकरा संस्‍कृति के बारे में ‘भोजपुरियत के थाती’ किताब बहुत सहज ढंग से बता रहल बिया। कवनो इलाका के संस्‍कृति सबसे बेसी ओह क्षेत्र के भाषा आ साहित्‍य में रहेले।

प्रमोद कुमार तिवारी भोजपुरियत प अलग से बात करे के जगही पऽ कुछ अइसन लोग के चर्चा कइले बाड़े जिनका के छोड़ के भोजपुरी के बात पूरा ना हो सके।

गोरखनाथ, कबीर से ले के भिखारी ठाकुर आ शैलेन्‍द्र तक के रचना प्रक्रिया के समेटेवाली ई किताब भोजपुरी माटी आ भोजपुरियत के समझे में बहुत मददगार साबित होखी, एह बात के पूरा विश्‍वास बा।

भोजपुरिया समाज अगर नेपाल के तराई से ले के छतीसगढ़ तक मारीशस से ले के सूरीनाम तक अतना बड़ इलाका में फइलल फूलल तऽ एकरा पाछे कुछ खास कारण रहल बा जवना के संकेत एह किताब में मिल रहल बा।

जन्‍म- 21 सितंबर 1976, परसियां, भभुआ (बिहार) शिक्षा- प्रारंभिक शिक्षा गांव आ भभुआ से। उच्‍च शिक्षा बीएचयू, वाराणसी आ डॉक्टरेट, जेएनयू, दिल्ली से । भोजपुरी में काम 2001 से भोजपुरी के प्रतिष्ठित पत्रिका सब में कविता आ लेख प्रकाशित। भोजपुरी के पहिलकी वेबसाईट Bhojpuri.org से जुड़ाव(2002-03)। पहिलकी अंतरराष्‍ट्रीय पत्रिका ‘द संडे इंडियन भोजपुरी’ के 80 गो अंक के संपादकीय डेस्‍क प्रमुख के रूप में संपादन(2008-2009)। चर्चित पत्रिका ‘पाती’ आ ई- पत्रिका ‘आखर’ खातिर लगातार लेखन। वेब पत्रिका bhojpuria.com आ jaibojpuri.com से लंबा जुड़ाव। इग्‍नू, दिल्‍ली के ‘भोजपुरी आधार पाठ्यक्रम’ खातिर लेखन(2008)। मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्‍ली आ भोजपुरी के दूसर संस्‍था सब के मंच से बहुत बेर काव्‍यपाठ। भाषा के सामाजिक सांस्‍कृतिक पक्ष पऽ 15 साल से काम। भोजपुरी भाषा आ संस्‍कृति पऽ दिल्‍ली, भभुआ(बिहार) आ गांधीनगर में संगोष्‍ठी के आयोजन। ‘सितुही भर समय’ (कविता संग्रह, 2016) साहित्‍य अकादेमी, नई दिल्‍ली से प्रकाशित। एनसीईआरटी, दिल्‍ली आ साहित्‍य अकादमी, दिल्‍ली में परामर्शदाता के पद पऽ कई साल काम। एनसीईआरटी के 8 गो किताबन के निर्माण में सक्रिय भूमिका। संप्रति- गुजरात केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, गांधीनगर में 9 साल से प्राध्‍यापन। पता- हिन्‍दी अध्‍ययन केन्‍द्र, सेक्‍टर-29, गुजरात केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, गांधीनगर-382030 मो. 09868097199 ई.मेल- pramod@cug.ac.in