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बनारस टॉकीज
प्रकाशक: हिंदयुग्म प्रकाशन
(2 customer review)

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Age Recommendation: Above 16 Years
ISBN: 978-9381394991 SKU: HY1850 Category:

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2 reviews for बनारस टॉकीज

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    sharmaanuja5767

    बनारस टॉकीज न सिर्फ बनारस की कहानी है बल्कि लॉ स्कूल के छात्रों की दोस्ती, मस्ती और अठखेलियों का भी सटीक चित्रण है। आप कभी बनारस न भी गए हों तब भी कहानी पढ़ते पढ़ते बनारस आपको अपना लगने लगता है। कहानी में पात्रों की संवेदनाओं के जीवंत चित्र उकेरे गए हैं। भाषा प्रवाह उल्लेखनीय है। अगर आप अपने कॉलेज के दिनों को एक बार फिर जी लेना चाहते हैं तो ज़रूर पढ़िए।

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  2. Avatar

    Abhishek Singh Rajawat

    अगर किसी उपन्यास को लेकर कोई फिल्म बन रही है तो वो अच्छा है, इस कथन से मन इत्तेफाक नहीं रखता, लेकिन ये लाख के उपर बिक चुकी कही जाने वाली किताब अगर आप दुबारा या तिबारा भी पढेगे तो आपको उतनी ही मनोरंजक लगेगी जितनी पहली बार में लगी थी.| अब ये बनारस का जादू है या शब्दों का ये तो आपको खुद पता लगाना पड़ेगा

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Book Details

Weight 170 g
Dimensions 20 × 14 × 4 cm
Pages:   192

बनारस टॉकीज-A perfect college. Three imperfect students.
A caring hostel.
Three careless mates.
Three decisive years.
Three ignorant souls.
A bomb blast and A close shave.
Welcome to life through the gate of BHU.

अस्सी के दशक में बूढ़े हुए। नब्बे के दशक में जवान। इक्कीसवीं सदी के पहले दशक में बचपना गुजरा और कहते हैं कि नई सदी के दूसरे दशक में पैदा हुए हैं। अब जब पैदा ही हुए हैं तो खूब उत्पात मचा रहे हैं। चाहते हैं कि उन्हें कॉस्मोपॉलिटन कहा जाए। हालाँकि देश से बाहर बस भूटान गए हैं। पूछने पर बता नहीं पाते कि कहाँ के हैं। उत्तर प्रदेश से जड़ें जुड़ी हैं। २० साल तक जब खुद को बिहारी कहने का सुख लिया तो अचानक ही बताया गया कि अब तुम झारखंडी हो। उसमें भी खुश हैं। खुद जियो औरों को भी जीने दो के धर्म में विश्वास करते हैं और एक साथ कई-कई चीजें लिखते हैं। अंतर्मुखी हैं इसलिए फोन की जगह ईमेल पर ज्यादा मिलते हैं। ब्लॉगिंग, कविता और फिल्मों के रुचि रखने वाले सत्य व्यास फ़िलहाल दो फिल्मों की पटकथा लिख रहे हैं। बनारस टॉकीज इनका पहला उपन्यास है। ईमेल : authorsatya@gmail.com