Skip to content

जयंती-रंगनाथन चार उपन्यास—‘आसपास से गुज़रते हुए’, ‘ख़ानाबदोश ख़्वाहिशें’, ‘औरतें रोती नहीं’, ‘एफ. ओ. ज़िंदगी’ और तीन कहानी-संग्रह—‘एक लड़की-दस मुखौटे’, ‘गीली छतरी’, ‘रूह की प्यास’ प्रकाशित। संस्मरणात्मक उपन्यास ‘बॉम्बे मेरी जान’, कहानी-संकलनों—‘30 शेड्स ऑफ़ बेला’ और ‘कामुकता का उत्सव’ का संपादन। ज़ी टीवी और सोनी के लिए सीरियल लेखन। स्टोरीटेल ऑडियो बुक्स के लिए ‘कुछ लव जैसा’, ‘रेनबो प्लेनेट’, ‘बाला और सनी’ सीरीज़। एचटी स्मार्ट कास्ट के लिए नियमित कहानियों का पॉडकास्ट।

धर्मयुग से करियर की शुरुआत। सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविज़न, महिलाओं की पत्रिका ‘वनिता’ में संपादक, अमर उजाला अख़बार में फ़ीचर एडिटर एवं नंदन पत्रिका में संपादक पद पर काम करने के बाद इन दिनों हिंदुस्तान अख़बार में एक्ज़ीक्युटिव एडिटर।