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अँधेरों का संगतराश
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ISBN: 978-93-92829-25-3 SKU: SV2028 Category:

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    Abhishek Singh Rajawat (सहपाठी)

    एक बेहतरीन…किताब बहुत रिसर्च करके कम किया है लेखक ने उदाहरण के लिए ये पढ़िए….

    किसी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आते देख उसने आगे बोलना शुरू किया, “मेरा एक मित्र है, जिसके पास हाई परफॉर्मेंस 4.6K सुपर 35 सेन्सर 15 स्टॉप तक की डाइनेमिक रेंज वाला (high performance 4.6K Super 35 sensor with up to 15 stops of dynamic range) स्वतः फ़ोकस (automatic focusing) करने वाला इलेक्ट्रो-फ़ोकस (Electro-Focus) हाई पिक्सेल डिजिटल विडीओ कैमरा है। ये एक ऐसा तीव्र गति रिकॉर्ड करने वाला कैमरा है जो कि 4608 X 2592 पिक्सेलस् तक कैप्चर करता है। जिसे हम बाद में कम्प्यूटर पर देख कर विश्लेषण कर सकते हैं। मैं उससे एक दिन के लिए माँग के ले आऊँगी। फिर हम जतिन और दिव्येन्दु की नंगी पीठ पर कंकड़ी फेंक उसे रिकॉर्ड करेंगे। उस रिकॉर्डिंग को कम्प्यूटर पर विश्लेषित कर देखते हैं, शायद हम किसी नतीजे पर पहुँच सकें।”
    हेलन का ये सुझाव सबको पसंद आया और अगले दिन उन्होंने ऐसा ही किया। फिर जब उन्होंने दिव्येन्दु और जतिन की पीठ की रिकॉर्डिंग को धीमी गति से देख विश्लेषित किया, तो पाया कि जब भी कोई वस्तु तेजी से दिव्येंदु की खाल की ओर आती है तो खाल से एक निश्चित फ़्रीक्वेंसी की तरंगे (wave) निकलती हैं, जो कि शायद उसकी खाल के टेक्टाइल और थर्मो रिसेप्टर्स (Tactile and Thermo Receptors) को उस आती हुई वस्तु के ठिकाने और गति के बारे में सूचित कर देती हैं। क्योंकि बेहद धीमी गति से कंकड़ फेंकने पर दिव्येन्दु के जिस्म ने ज्यादा हरकत नहीं की और कंकड़ उससे छू भी गया। फिर जैसे-जैसे गति बढ़ाते गये, दिव्येन्दु के जिस्म का रिएक्शन और फुर्ती बेहतर होती गयी। यानी जितनी ज्यादा स्पीड उतनी सफाई से दिव्येन्दु के जिस्म ने बचाव किया।

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पुराने जागीरदार का वारिस, अमेरिका में पला बढ़ा, शिक्षा, शौक व जुनून से बेजोड़ संगतराश, सुन्दरता प्रसिद्धि व दक्षता में उसी के समान उसकी संगतराश पत्नी और सामाजिक व राजनीतिक रूप से अत्यन्त शक्तिशाली उनका राजनेता मित्र अपने इर्दगिर्द हो रहे हादसों के कारण पुलिस के शक़ के घेरे मे हैं। एक ओर अपने सामाजिक जीवन से सामंजस्य बैठाने की प्रक्रिया में अपनी असाधारण शक्तियों जूझते ये तीनों हैं तो दूसरी ओर है इनकी प्रसिद्धि, सामाजिक व राजनीतिक शक्तियों से खौफ़ खाती, सही और ग़लत के बीच के फ़र्क को धुँधलाने वाले अजीब हादसों से भ्रमित पुलिस।

कौन है अँधेरों का संगतराश? क्या है उसकी बनाई मूर्तियों की खासियत? रहस्य और रोमांच से भरपूर एक पैरा नॉर्मल थ्रिलर।

वर्तमान मे सिडनी निवासी संजय अग्निहोत्री, मूलतः उत्तर प्रदेश के रायबरेली शहर से हैं। पब्लिक रेलेशन्स सोसाइटी भोपाल द्वारा साहित्य सम्मान से सम्मानित व उच्च शिक्षा (एम. एससी. यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स केन्सिंग्टन) प्राप्त श्री संजय अग्निहोत्री रहस्य रोमांच और अपराध जगत पर उपन्यास लिखने में सिद्धहस्त हैं। ये छोटी सामाजिक समस्याओं पर कहानियाँ, व्यंग्य और कवितायें तथा दुरूह व पुरानी गम्भीर समस्याओं पर उपन्यास लिखते हैं। चार उपन्यास, एक कथा संग्रह, कई साझा संकलनों के अतिरिक्त, आपने इक्कीसवी सदी के तदयुगीन इक्कीस महत्वपूर्ण कवियों के संकलन में प्रतिष्ठा पाई है तथा एक अंतरराष्ट्रीय कविता संग्रह का सम्पादन भी किया है। इसके अतिरिक्त “दैनिक भास्कर”, “नूतन कहानियाँ” व अन्य स्थानीय पत्रिकाओं में इनकी कवितायें, कहानियाँ तथा व्यंग्य प्रकाशित होते रहते हैं। हिन्दी के साहित्य शिरोमणि मूर्द्धन्य उपन्यासकार पद्मश्री स्वर्गीय डॉ गिरिराज किशोर जी के शब्दों मे ‘मनोरंजक तथा चिन्तनशील लेखक’। आप उनसे www.sanjayagnihotri.com पर मिल सकते हैं। Email: sanjaysbooks@gmail.com